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कलाक्षेत्रा का शाब्दिक अर्थ है- कला का पवित्र स्थान (कला : कला, क्षेत्रा : क्षेत्र अथवा स्थान)
कलाक्षेत्र की स्थापना रुक्मिणी देवी के इन आदर्शों की प्रेरणा का परिणाम है । "भारत के बहुमूल्य पारंपरिक कलात्मक संस्कृति को मान्यता प्रदान करना तथा उस कला का व्यापारीकरण को रोकना आदि"। बहुत ही कुशल तथा प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षकों तथा आध्यात्मिक दृष्टि रखने वाले शिक्षकों के माध्यम से युवकों को प्रश्क्षित करना ही इसका मुख्य उद्देश्य है ।
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