"वे नर्तक जिन्हें वास्तुकला, चित्रकला और संगीत की जानकारी नही हो, वे महान नर्तक नहीं बन सकते क्योंकि नृत्य के लिए इन सभी भावनाओं का होना आवश्यक है । या कहें तो ये नृत्य के ही अंग हैं ।
-रुक्मिणी देवी
नृत्य
यहाँ प्रदान की जाने वाली शिक्षा के उद्देश्य एक संपूर्ण कलाकार का निर्माण है जो इस कला के साहित्य, सिद्धांत और संगीत के पारंपरिक मार्ग के आधारों को पूरी तरह समझ सकता है । अत: भाषा, संगीत तथा सिद्धांत मुख्य पाठ्यक्रम के सहगामी विषय हैं । more »»
संगीत
कक्क्षायें छोटी हैं तथा छात्रों पर व्यक्तिगत रूप से ध्यान दिया जाता है एवं विद्यार्थियों की प्रगति उनके सकारात्मक गुणों तथा अध्यापकों के साथ विचार-विमर्श पर आधारीत होती है। more »»
कला
कला, नृत्य एवं संगीत यद्यपि अलग-अलग शाखाएँ हैं, परंतु समान अनुभूति प्रदान करती हैं, अत: आवश्यक है कि सभी सीखने समान वातावरण में फले-फूलें और विकास करें । more »»